सिकंदराबाद। नगर के रामबाड़ा स्थित रामलीला मैदान में शनिवार रात अहिरावण वध के बाद रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। श्रीराम और रावण के बीच भीषण युद्ध के बाद रावण के पुतले का दहन किया गया। पुतले में हुई आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही और दहन होते ही पूरा मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। यहां परंपरा के अनुसार माता के मेले के बाद रावण दहन किया जाता है।
शाम को चैंबर की धर्मशाला से भगवान श्रीराम की सवारी रावण सेना, काली के अखाड़ों और बैंड-बाजों के साथ मैदान पहुंची। कमेटी प्रधान पंडित सचिन शर्मा, अरविंद दीक्षित, राकेश मोहन सर्राफ और राहुल गुप्ता ने आरती कर लीला का शुभारंभ किया।
लीला में मेघनाद वध के बाद रावण ने पुत्र अहिरावण को पाताल से बुलाया। अहिरावण विभीषण का रूप धरकर छल से श्रीराम-लक्ष्मण को देवी मंदिर ले गया। हनुमान जी ने दोनों भाइयों को मुक्त कराकर अहिरावण का वध किया। इसके बाद श्रीराम ने अग्निबाण से रावण का अंत किया।
रावण वध के बाद विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने पुतले का दहन किया।
विधायक लक्ष्मीराज सिंह ने कहा, “रावण दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। यह ऐतिहासिक रामलीला हमारी संस्कृति और एकता का प्रतीक है।”

कमेटी प्रधान पंडित सचिन शर्मा ने कहा, “100 साल पुरानी इस परंपरा को आज भी निभाया जा रहा है। माता के मेले के बाद रावण दहन सिकंदराबाद की पहचान है।”
पंडित राकेश शर्मा ने कहा, “श्रीराम की लीला युवाओं को सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है।”
कार्यक्रम में एमएलसी श्रीचंद शर्मा मुख्य अतिथि रहे। मंच संचालन अरविंद दीक्षित ने किया।
